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डेविड येत्मन अपने विचार प्रस्तुत करते हुए
 
आयोजन
संग्रहालय के सिद्धांत को एक नया आयाम देना अरना-झरना संग्रहालय का एक प्रमुख मंतव्य है। यह संग्रहालय एकत्रित वस्तुओं की मात्र झांकी नहीं है। झाड़ू जैसी वस्तु से पनपी सामाजिक चेतना और समाज के विभिन्न वर्गों और पहलुओं के अंतर्संबंध ही इसका केंद्र हैं। संग्रहालय स्थल पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रम इस समझ को परिलक्षित करते हैं।

यदि आप भी अरना-झरना संग्रहालय स्थल पर वर्कशॉप या कॉन्फरेंस आयोजित करना चाहते हैं तो कृपया info@arnajharna.org पर संपर्क करें।

यह हैं अरना-झरना के कुछ यादगार आयोजन :-
 
मांगणियार कलाकार इंडिया फाउंडेशन फॉर द आर्टस के सौजन्य से मांगणियार गायकों और वादकों के बाल एवं युवा कलाकारों के लिये संगीत वर्कशॉप का आयोजन । (मार्च 2009)
 
 
जोधपुर के वैज्ञानिकों से वार्ता अरना-झरना संग्रहालय द्वारा आमंत्रित डेविड येत्मन अमेरीका में ऐरीजो़ना स्थित मरुधर के विद्वान हैं। उन्होंने मरुधर के बारे में टीवी के लिए दी डेज़र्ट स्पीक्स नामक श्रृँखला का निर्माण किया है। उनके और जोधपुर स्थित वैज्ञानिकों के बीच एक वार्ता आयोजित की गई। (जनवरी 2009)
 
 
संग्रहालय में सृष्टी स्कूल के विद्यार्थी बंगलौर स्थित सृष्टी स्कूल ऑफ आर्ट,डिज़ाईन एंड टेक्नॉलॉजी के विद्यार्थी एक स्टडी टूर के तहत अरना-झरना संग्रहालय आये। कचरा प्रबंधन और झाड़ू बनाने के यंत्रों के सुधार में उनकी रुचि है। (नवंबर 2008)
 
 
गायकों के गायन की रिकॉर्डिंग इंडिया फाऊंडेशन फॉर दी आर्टस के प्रोजेक्ट के तहत, मांगणियार गायकों के भुला दिये गीतों को संकलित और रिकॉर्ड करने के लिये दो वर्कशॉप आयोजित की गईं। (सितंबर एवं नवंबर 2008)
 
 
इवाल्दो बर्ताजो़ की टीम लोक कलाकारों के साथ ब्राज़ील स्थित कोरियोग्राफर, फिज़िकल थेरेपिस्ट और सामाजिक कार्यकर्ता ईवाल्दो बर्ताजो़ के लिए राजस्थान की विभिन्न संगीत की परंपराओं का प्रस्तुतिकरण। ईवाल्दो अपने अगले प्रयोग में इन परंपराओं का समावेश करना चाहते हैं। (सितंबर 2008)
 
 
कठपुतली की प्रस्तुति संग्रहालय के पास रहने वाले ग्रामवासियों के लिये बहुरूपिया, खयाल और कठपुतली का कार्यक्रम आयोजित किया गया। (सितंबर 2008)
 
 
पबुजी की पड पास स्थित मोकलावास गाँव के लोगों के लिये पबूजी की फड़ का आयोजन। (2007)
 
 
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